18 October 2012

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Arvind Kejriwal and Haryana IAS officer Ashok Khemka Seven Similarites

Arvind Kejriwal and Haryana IAS officer Ashok Khemka Seven Similarites

Arvind Kejriwal and Ashok Khemka both have many similarities

1.
they both studied at  IIT Kharagpur

2.
They both passed out in  1989

3.
Both opted for Government civil services. Khemka is a 1991 batch IAS officer while Kejriwal is a 1992 batch Indian Revenue Service officer.

4.
Both fought with the government while in service, Khemka is still fighting with government officials and his seniors.

5.
Both got the Haryana Connection –
Khemka is from the Haryana cadre while Kejriwal was born in Hisar.

6.
Arvind Kejriwal  = AK
Ashok Khemka = AK
Both got same initials

7.
Ashok Khemka and Arvind Kejriwal fought with Robert Vadra and land deals.

Reality views by sm –

Thursday, October 18, 2012

Tags – Arvind Kejriwal Ashok Khemka

12 comments:

Kirtivasan October 18, 2012  

They cause division in the society due to their status and position.

रविकर October 18, 2012  

उत्कृष्ट प्रस्तुति शुक्रवार के चर्चा मंच पर ।।

Virendra Kumar Sharma October 19, 2012  


एक शेर है तो दूसरा बब्बर शेर है .नारद दियो बताय भैया नारद दियो बताय .

Virendra Kumar Sharma October 19, 2012  


शुक्रवार, 19 अक्तूबर 2012
कहलाने एकत बसें ,अहि ,मयूर ,मृग ,बाघ जगत तपोवन सा हुआ ,दीरघ दाघ ,निदाघ

सेकुलरों में व्याप्त भ्रष्टाचार को देख कर कविवर बिहारी का यह दोहा सहज ही याद आ गया है -

कहलाने एकत बसें ,अहि ,मयूर ,मृग ,बाघ


जगत तपोवन सा हुआ ,दीरघ दाघ ,निदाघ

जेठ की तपती दुपहरिया ने समस्त तपोवन को कायनात को झुलसा दिया है सबको अपनी जान बचाने की पड़ी है .ऐसे में कुदरत ने सांप ,मोर ,हिरन

और बाघ को एक ही घाट पे ला खड़ा किया है .सारा जगत गर्मी से झुलस रहा है ऐसे में पशु अपना परस्पर

हिंसक व्यबहार भूल कर एका दिखा रहें हैं .

राजनीति के चुनिन्दा सेकुलर खेमे की भी आज यही नियति है .कांग्रेसी भ्रष्टों के साथ ,आय ,से ज्यादा संपत्ति में फंसे मुलायम खड़े दिखलाई देते हैं

.भ्रष्टाचार के जोहड़ में फंसी

कांग्रेसी भैंस की पूछ पकड़े आप नासिका स्वर में कह रहें हैं - अरे वो ! केजरीवाल तो सबको ही भ्रष्ट बतला रहें हैं ,बोलने दो उन्हें अपने आप बोलते

बोलते थक जायेंगें .

चैनल कई कांग्रेसी भ्रष्टाचार का वजन कम दिखलाने के लिए कह रहें हैं सभी राजनीतिक दलों को निशाने पे ले रहें हैं केजरी ऐसे में उनकी अपनी

विश्वसनीयता भी कम हो रही है ..

जनार्दन द्विवेदी जी ,कांग्रेस प्रवक्ता साहब , जिस बी जे पी को सांप्रदायिक कह कहके कोसते रहें हैं उसे भड़का रहें हैं यह कहके -सभी बड़े दलों को

सोचना चाहिए .एक जुट हो जाना

चाहिए . पूछा जा सकता है इन वक्र मुखी सेकुलरों की खुद की आज विश्वसनीयता क्या है जबकि मनमोहन जी भी टेलीकोम घोटाले के केंद्र में आगएं हैं .

राजा तो गए सो गए महाराजा अभी बाहर हैं .

और वह पटरानी कह रहीं हैं बी जे पी कांग्रेस को बदनाम कर रही है .मोहतरमा कांग्रेस अपनी करनी से बदनाम हो रही है .किसी के किये नहीं .

बी जे पी के गडकरी और पवार साहब हालाकि वह भी सेकुलर समझे जाते हैं कमसे कम जांच को तो तैयार हैं बाकी भ्रष्ट मोड आफ डिनायल में हैं .नकार

की मुद्रा में हैं .

ऐसे में हैरानी होती है तीन शेर जिनमें एक बब्बर शेर है निर्भय घूम रहें हैं ये हैं क्रमश :सर्व मान्य अशोक खेमका जी ,माननीय केजरी -वार साहब ,और पूर्व

आई पी एस वाई पी सिंह साहब .

रोशन तुम्हीं से दुनिया ,

रौनक तुम्हीं जहां की ,सलामत रहो .


प्रस्तुतकर्ता Virendra Kumar Sharma पर 6:13 am कोई टिप्पणी नहीं: